खुद्किस्मत है वो काजल
जो तेरी आँखों मैं बसता है
आंशुओं के सहारे
जो तेरे साथ साथ चलता हैं
सोचता हूँ कभी काजल मैं होता
साथ मैं तेरे अक्सर होता
आँशु चाहे ख़ुशी या गम के होते
तेरी पलकों के नीचे हमेशा सोता
साथ हो तेरा तो दिल मेरा चलता है
खुद्किस्मत है वो काजल
जो तेरी आँखों मैं बसता है
By-Rajesh sharma
जो तेरी आँखों मैं बसता है
आंशुओं के सहारे
जो तेरे साथ साथ चलता हैं
सोचता हूँ कभी काजल मैं होता
साथ मैं तेरे अक्सर होता
आँशु चाहे ख़ुशी या गम के होते
तेरी पलकों के नीचे हमेशा सोता
साथ हो तेरा तो दिल मेरा चलता है
खुद्किस्मत है वो काजल
जो तेरी आँखों मैं बसता है
By-Rajesh sharma
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